रांची: सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और नर्सों की कमी दूर करने से लेकर मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने तक, आमया संगठन और झारखंड छात्र संघ (जेसीएस) ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं। संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और दोनों मामलों में पहल करने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) व स्वास्थ्य उपकेंद्रों में चिकित्सकों और नर्सों की कमी का खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। संगठन ने रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की।

वहीं, देश में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से इसे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समक्ष रखने और अपने स्तर से भी आवाज उठाने का आग्रह किया। संगठन का कहना था कि इस विषय पर पहल से अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को सामने लाया जा सकेगा।

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

मौके पर आमया संगठन एवं जेसीएस के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली के साथ मो. फुरकान, इस्मे आजम, हारिश आलम, अब्दुल बारी, मोइज अहमद, सिद्दीक अंसारी, असरफूल अंसारी, नजबूल अंसारी, आरिफ अंसारी, मोहसिन हव्वारी, नजीब अंसारी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।