रांची: पत्नी और नाबालिग बेटी को गुजारा भत्ता नहीं देने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका निवासी दशरथ सिंह को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि एक ही डिफॉल्ट के लिए बार-बार हिरासत बढ़ाकर जेल में रखना कानून के अनुरूप नहीं है।

दशरथ सिंह की पत्नी शंपू कुमारी ने भरण-पोषण के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। फैमिली कोर्ट ने 31 मार्च 2023 को पत्नी को पांच हजार और बेटी को तीन हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।

बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर दशरथ सिंह की हिरासत 23 बार 30-30 दिनों के लिए बढ़ाई गई। हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 के संबंधित आदेश को रद्द करते हुए उनकी रिहाई का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जेल जाने से बकाया गुजारा भत्ता चुकाने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती और कानून के तहत उसकी वसूली की जा सकती है।