मांडर (रांची): मुड़मा जतरा जमीन विवाद और निर्माणाधीन मकान तोड़े जाने का प्रकरण तूल पकड़ चुका है। मामले में सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत ने रविवार को पीड़ित बिरसा उरांव से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

निशा भगत ध्वस्त मकान स्थल पर पहुंचीं और परिवार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर विधि सम्मत कार्रवाई हो। उन्होंने मुड़मा जतरा आयोजन में पारदर्शिता और आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था की भूमिका पर भी सवाल उठाए। वहीं उन्होंने मांडर विधायक सह कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से मामले में पहल करने की अपील की। साथ ही प्रशासन से पीड़ित परिवार की सुरक्षा और उचित सहायता की मांग की।
बिरसा उरांव का आरोप है कि बुधवार को 200 से 300 लोगों की भीड़ ने उनके निर्माणाधीन मकान को तोड़ दिया और मारपीट भी की। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरे गुट का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। इधर, पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है।

