हत्यारोपी आरपीएफ जवान की फांसी की सजा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदला  

रामगढ़: बरकाकाना के चर्चित ट्रिपल मर्डर के आरोपी आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह की फांसी की सजा हाईकोर्ट ने 25 वर्ष के उम्र कैद में बदल दी है। गुरुवार को हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद से पीड़ित परिजन आहत है और उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के बात कही है।

हत्याकांड का मामला 7 अगस्त 2019 का है। जब बरकाकाना रेलवे कॉलोनी गांधी मैदान में शाम तकरीबन 8:00 बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। लोग कुछ समझ पाते तब तक आरपीएफ के जवान पवन कुमार सिंह ने अपने सर्विस पिस्तौल से स्थानीय रेल कर्मी अशोक राम के घर में घुसकर रेल कर्मी अशोक राम, उनकी पत्नी लीलावती देवी और गर्भवती पुत्री वर्षा देवी की गोली मारकर हत्या। जबकि अशोक राम का एक पुत्र और एक पुत्री गोली लगने से घायल हो गए।

बताया जाता है कि आरोपी अशोक राम के यहां दूध लेने जाता था। घटना से 25 दिन पूर्व अशोक राम ने उसे दूध देना बंद कर दिया था। इससे आक्रोशित आरपीएफ के जवान ने आवेश में आकर घटना को अंजाम दे दिया। घटना के बाद आरोपी पवन कुमार सिंह अपना सर्विस पिस्टल अपने बैरेक में छोड़कर भाग गया। घटना के दूसरे दिन बरकाकाना में जमकर बवाल हुआ। लोग सड़कों पर उतर आए। ट्रेन का परिचालन अवरुद्ध कर दिया गया। सड़क पर टायर जलाकर आवागमन रोक दिया और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और फांसी की सजा की मांग करते हुए लोगों ने जमकर बवाल काटा था। आरोपी को उसके पैतृक घर भोजपुर (बिहार) से पकड़ा गया।

वर्ष 2019 में रामगढ़ सिविल कोर्ट में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इधर झारखंड हाई कोर्ट ने आरोपी की अपील पर सुनवाई करते हुए फांसी की सजा को 25 वर्ष की उम्र कैद में तब्दील कर दिया है। फैसले से क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हो रही है।

इधर मृतक अशोक राम के पुत्र रमेश राम ने बताया कि हाई कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इसके लिए अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग करेंगे। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति से भी अपील की जाएगी।

वही रमेश ने बताया घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा कई तरह का आश्वासन दिया गया था। बरकाकाना के दुर्गी में जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक जमीन का पोजीशन नहीं दिया गया है। 5 वर्षों से अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। दूसरी ओर घटना में घायल सुमन कुमारी के शरीर में अभी भी गोली फंसी हुई है, डॉक्टर का कहना है ऑपरेशन से जान का जोखिम हो सकता है।

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