रांची: SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में आदिवासी-मूलवासी संगठनों ने रांची में प्रदर्शन किया। रांची विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से निकला मार्च अलबर्ट एक्का चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और केंद्र सरकार से उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।

सभा में केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि SIR को लेकर देशभर में नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

आमया संगठन के अध्यक्ष एस अली ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दस्तावेजों के नाम पर अशिक्षित, विस्थापित और भूमिहीन लोगों को परेशान किया जा रहा है तथा पात्र मतदाताओं के नाम कटने का खतरा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मताधिकार की सुरक्षा और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

आदिवासी समन्वय समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि मतदाता पात्रता साबित करने का पूरा बोझ जनता पर डालना अनुचित है। उन्होंने प्रशासन और निर्वाचन आयोग से ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, जिससे योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हों।

सभा को गोलेसटंग डुंगडुंग, ज्योत्सना करेकेटा, विवेक बास्के और उत्तम यादव ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने SIR की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।

प्रदर्शन में मो. फुरकान, जियाउद्दीन अंसारी, नौशाद आलम, इसरार आलम, औरंगजेब आलम, मो. इकराम, मोईज अहमद, गुलजार खान, सिद्दीक अंसारी, अंजुम खान, मोहसिन हव्वारी, संजय लोहरा, कृष्णा लोहरा, मौनव्वर हुसैन भुट्टो, मो. साजिद, सविता कच्छप, रुपचन केवट, प्रशांत टोप्पो, कैलाश तिर्की और बाहा लिंडा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।