नई दिल्ली/रांची: दिवाली से पहले कारोबारियों को राहत मिली है। 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया गया है। NPCI के मुताबिक, यह व्यवस्था अब दिवाली के बाद लागू की जाएगी। नई तारीख की घोषणा बाद में होगी।

प्रस्ताव के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारिक UPI भुगतान पर 0.40 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई थी। 75,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय करने का प्रस्ताव था। हालांकि, यह शुल्क सभी UPI भुगतानों पर लागू नहीं होना था।

त्योहारी सीजन में अतिरिक्त खर्च से बचाने के लिए व्यापारिक संगठनों और पेमेंट कंपनियों ने इस व्यवस्था को टालने की मांग की थी। उनका कहना था कि दिवाली के दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ती है। ऐसे समय में नया शुल्क लागू होने से दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है।

MDR का भुगतान व्यापारी करता है, ग्राहक से यह शुल्क सीधे नहीं वसूला जाना चाहिए। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने वाले UPI लेनदेन पर भी इस प्रस्ताव का असर नहीं पड़ेगा। छोटे व्यापारियों की पात्र श्रेणियों और 2,000 रुपये तक के संबंधित भुगतानों पर शून्य MDR की व्यवस्था जारी रहने की बात कही गई है।

फिलहाल राहत इतनी है कि प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था दिवाली से पहले लागू नहीं होगी। इसे लागू करने की नई तारीख अभी तय नहीं हुई है।

