जीएम महाविद्यालय में चला एड्स जागरूक अभियानAIDS awareness campaign started in GM College

हजारीबाग: विश्व एड्स दिवस पर जीएम संध्याकालीन महाविद्यालय, इचाक में जागरूकता अभियान गुरुवार को चलाया गया।

मौके पर महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि एचआईवी एड्स का संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। एचआईवी संक्रमण शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर शरीर को कमजोर करता है। इम्यूनिटी पावर कमजोर होने से वक्त के साथ लोगों में अन्य गंभीर प्रकार के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आगें चलकर एचआईवी संक्रमण एड्स का रूप ले लेता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 3.7 करोड़ से अधिक लोग एचआईवी एड्स की गंभीर समस्या के शिकार हैं। साल 2020 की एक रिपोर्ट के मुताबित एड्स के कारण सात लाख के करीब लोगों की मौत हो गई। एचआईवी एक लाइलाज संक्रमण है, जिसकी अब तक कोई दवाई या टीका नहीं बना। लेकिन विशेषज्ञों ने एचआईवी से बचाव के उपाय बताएं हैं, जिनका पालन कर एड्स के खतरे से बचा जा सकता है।

बताया कि एड्स और एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। एचआईवी संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति में वायरस की चपेट में आने के दो से चार हफ्ते के भीतर ही लक्षण नजर आने लगते हैं। प्रारंभिक स्थिति में संक्रमित को बुखार, सिरदर्द, दाने या गले में खराश सहित इन्फ्लूएंजा जैसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है। संक्रमण बढ़ने के बाद अन्य गंभीर लक्षण दिखने लगते हैं।

कहा कि, अगर एचआईवी के लक्षण किसी व्यक्ति में नजर आ रहे है तो उस व्यक्ति को आईटी टीसी सेंटर जाकर तुरंत जांच करवा लेना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति एचआईवी एड्स से संक्रमित है तो इसका एकमात्र तरीका डॉक्टर के निगरानी में रहकर अपना उपचार करवाना एक सही तरीका है। हालांकि दवाओं के माध्यम से एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है और इस संक्रमण के कारण होने वाली जटिलताओं को भी कम कर सकते हैं। एचआईवी की दवाओं को एंटी रेट्रो वाइरल थेरेपी (एआरटी) कहा जाता है। एचआईवी की गंभीरता को कम करने के लिए एआरटी शुरू में सेवन करने की डॉक्टर सलाह देते हैं।

मौके पर मुख्य रूप से अभिषेक कुमार, पल्लवी कुमारी, माही रानी, प्रिया कुमारी, मनीषा कुमारी सहित कई लोग मौजूद थे।

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