अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ने किया राजभवन का घेराव

प्रधानमंत्री के नाम राज्यपाल को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा 

रांची अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के 30 वें स्थापना दिवस पर संगठन की महिलाओं ने राजभवन का घेराव किया। घेराव के माध्यम से राज्यपाल के द्वारा प्रधानमंत्री को 11 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया।

राजभवन घेराव को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन राष्ट्रीय सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि देश भर में महिलाओं की आजादी छीनी जा रही है। महिलाएं मोदी सरकार में  असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिला सुरक्षा के नाम पर मोदी सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है। कहा कि पितृ सत्तात्मक समाज में महिलाओं को राजनीतिक आर्थिक बराबरी से वंचित किया गया है। महिलाओं के कामों के लिए जितना दाम और छुट्टी मिलनी चाहिए उससे महिलाएं वंचित है।

वही ऐपवा के राज्य सचिव गीता मंडल ने कहा कि फासीवाद को मिटाने में महिलाओं की होगी अहम भूमिका होगी। जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है लगातार रसोई गैस के दाम बढ़ रहे हैं। बेरोजगारी चरम सीमा पार कर चुकी है। रसोईया, और आशाकर्मी को नाम मात्र का वेतन दिया जा रहा है। आज देश में विपक्ष मुक्त संसद बनाने की पूरी तैयारी चल रही है। इसके खिलाफ देश भर की महिलाएं एकजुट होकर 2024 के चुनाव में मोदी सरकार को उखाड़ फेकेंगी।

11 सूत्री मांग पत्र मे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया है उन्हें अविलंब बाइज्जत रिहा करने, रसोई गैस की कीमत ₹ 500 प्रति सिलेंडर करने, 2024 के लोकसभा चुनाव के पूर्व महिला आरक्षण बिल पारित करने, बिलकिस बानो ,महिला खिलाड़ियों एवं बनारस विश्वविद्यालय के छात्राओं के बलात्कारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने, झारखंड के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज की स्थापना करने, सभी स्कीम वर्कर को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, महिला समूह को माइक्रोफाइनेंस कंपनी द्वारा ऋण देने पर प्रतिबंध लगा कर समूह की महिलाओं को सीधे बैंक द्वारा ऋण उपलब्ध कराने, आउट सोर्सिंग कंपनी को बंद कर सभी सरकारी विभागों की खाली पड़े पदों पर नियमित बहाली करने, देवघर जिला के मोहनपुर प्रखंड स्थित बंद एकमात्र प्रोजेक्ट हाई स्कूल चकरमा,मोहनपुर को छात्राओं की पढ़ाई के लिए अविलंब चालू करने, झारखंड में डिग्री प्राप्त युवा युवतियों के लिए बहाली शुरू करने और झारखंड में महिला आयोग का अविलंब गठन करने की मांग शामिल हैं।

 

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