झारखंड: आस्था और भक्ति का महापर्व छठ संपन्नChhath, the great festival of faith and devotion

छठ महापर्व में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन हुयेल शामिल

झारखंड : चार दिवसीय छठ महापर्व सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान नदियों और तालाबों में श्रद्धालुओं ने छठ मईया और सूर्य देव की अराधना कर मंगलकामना की। पहले दिन नहाय-खाय और दूसरे दिन खरना के उपरांत रविवार की शाम सूर्यदेव को सांध्यकालीन अर्घ्य और सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य के साथ व्रत संपन्न हुआ। व्रतियों ने पारन कर 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास पूरा किया। इस दौरान छठ मईया के भक्तिगीतों से छठ घाट गूंजायमान रहा। अर्ध्य और हवन के उपरांत व्रतियों ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया। छठ पूजा समितियां भी व्रतियों की सुविधाओं को लेकर जोर-शोर से जुटीं रही। वहीं यातायात और विधि-व्यवस्था को पुलिस प्रशासन ने पूरा योगदान दिया।

छठ : मुख्यमंत्री ने अर्घ्य देकर की मंगलकामना

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन अपनी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन एवं दोनों बेटे के साथ छठ व्रतियों के बीच पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य देकर आस्था के महापर्व छठी मैया की पूजा की। मुख्यमंत्री ने भगवान भास्कर से झारखंडवासियों की सुख, समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री आज शाम सपरिवार रांची के नक्षत्र वन स्थित हटनिया तालाब पहुंचे तथा सैकड़ों व्रतियों के बीच छठ पूजा में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महापर्व सूर्य भगवान की आराधना के लिए जाना जाता है। छठ महापर्व प्रकृति की पूजा का प्रतीक है। प्रकृति पर आस्था और उससे जुड़ाव भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी माताएं-बहने 72 घंटे का व्रत रखकर भगवान भास्कर की आराधना करती हैं।

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