मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 73वें वन महोत्सव में हुए शामिल 

प्रकृति की व्यवस्था को बिगाड़ रहा मनुष्य, आगे परिणाम भी भुगतेगा : हेमंत सोरेन

रांची। मुख्यमंत्री शुक्रवार को आईआईएम परिसर में आयोजित 73वें वन महोत्सव में शामिल हुए। जहां उन्होंने पौधरोपण किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों द्वारा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

अपने संबोधन मेें मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग बहुत तेजी से विकास की गति को छूने का प्रयास कर रहे हैं। हर ओर गतिविधियां हो रहीं हैं, लेकिन इस जमीन पर जीने के लिए ऐसी व्यवस्था ना खड़ी करें कि वह हमारे जीवन के अंत का सबब बन जाए। वन क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे से आरा मिल हटा दिया जाएगा। जंगलों की कटाई को लेकर कई बार ग्रामीणों ने सीधे खबरें दीं हैं। जंगल के बीच में आरा मिल का होना पदाधिकारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है। यह षड्यंत्र व्यक्तिगत हितों के लिए रचा जा रहा है। मैं जहां तक समझता हूं अगर इस धरती का कोई दुश्मन है तो हम मनुष्य से बड़ा दुश्मन कोई नहीं। हम बनाने का भी संकल्प लेते हैं और इसे और बिगाड़ने का भी। मनुष्य के अतिरिक्त कोई नहीं प्रकृति की व्यवस्थाओं को बिगड़ता है। मनुष्य ही ऐसा जीव है। जो यह काम करता है।राज्य को और हरा बनाने में कोई कमी ना हो। यह हम संकल्प लें। आज विशेषकर शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कंक्रीट के जंगलों को देखते हुए मैं कहना चाहूंगा कि जो भी अपने कैंपस में पेड़ लगाएगा-उसे संरक्षित करेगा, ऐसे सभी लोगों को पेड़ के हिसाब से निःशुल्क बिजली दी जाएगी।

अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव-सह-प्रधान सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एल.खियांग्ते, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, एन.के. सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आईआईएम के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार बाला सहित अन्य उपस्थित थे।

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