होटल से ससुराल लौटते समय हुआ हमला

पिठोरिया (रांची): पिठोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पिठौरिया-उरूगुट्टू मार्ग परकरकट्टा मोड़ के निकट शुक्रवार की सुबह सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पाया। मृतक की पहचान राहुल गोराई के रूप में हुई है, जो पिठोरिया स्थित कृष्णा स्वीट में मैनेजर थे। मिली जानकारी के अनुसार राहुल गोराई होटल का काम खत्म कर रोज की तरह ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान करकट्टा मोड़ के पास पहले से घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। हमलावर वारदात के बाद फरार हो गए। हत्या की वजह अबतक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

अहले सुबह बरामद शव

देर रात नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश

29 अक्टूबर की रात ससुराल नहीं पहुंचने पर परिजनों और दोस्तों ने तलाश शुरू की। मित्र संदीप साहू ने बताया कि होटल से निकलने के बाद राहुल से फोन पर बात हुई थी, उन्होंने बाहर होने की बात कही थी। उसके बाद संपर्क टूट गया। शुक्रवार अहले सुबह सड़क किनारे शव मिलने की सूचना पर शव की पहचान हुई।

पिठोरिया चौक पर परिजन और स्थानीय लोग

आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

घटना की सूचना पर पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इधर घटना से आक्रोशित लोगों ने भाजपा कार्यकर्ता कमलेश राम के नेतृत्व में पिठोरिया चौक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की। करीब चार घंटे तक जाम रहा। बाद में कांके के अंचल अधिकारी अमित भगत के साथ वार्ता के बाद जाम हटाया गया।

20 सालों से पिठोरिया में रह रहे थे राहुल

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया निवासी राहुल गोराई पिता मधुसूदन गोराई पिछले करीब 20 वर्षों से पिठोरिया में रहकर होटल में काम कर रहे थे। उन्होंने लंबे समय तक सरगम स्वीट में काम किया था। दो-तीन माह पहले ही वह कृष्णा स्वीट में मैनेजर के रूप में जुड़े थे। उनकी शादी उरुगुट्टू के भाट बोड़या गांव में हुई थी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक अपने पीछे पत्नी पूनम देवी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिसमें एक बच्चा महज दो महीने का है। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की हत्या से परिवार में मातम पसरा है। मृतक के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक घर पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) ले जाया गया।