रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने 28 सितंबर को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय तक मार्च करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने रांची में प्रेसवार्ता कर SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि SIR और ASDD प्रक्रिया में राज्य के 40 से 45 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित होने का खतरा है। हालांकि, चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 5 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 43,61,987 नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नामों की श्रेणी में शामिल नहीं थे। संबंधित मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।

प्रदीप यादव ने Form-6 में दस्तावेज और घोषणा से जुड़ी शर्तों का मुद्दा उठाते हुए पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया आसान करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं को परेशानी हो रही है।

पार्टी ने चुनाव आयोग से पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस मतदाता अधिकार और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर आंदोलन कर रही है।

SIR के तहत दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाई गई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, Form-7 दाखिल होने मात्र से किसी मतदाता का नाम अपने आप नहीं हटता। नाम हटाने से पहले निर्धारित जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।