1932 आधारित स्थानीय नियोजन नीति का प्रस्ताव झारखंड केबिनेट में पारित

ओबीसी आरक्षण को लेकर भी केबिनेट ने लिया निर्णय

रांची। झारखंड केबिनेट की बैठक में बुधवार को सूबे की सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पारित किये। बैठक में कुल 43 प्रस्तावों पर हेमंत सरकार ने अपनी मुहर लगाई है।1932 के खतियान आधारित स्थानीय नियोजन नीति और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव पास किया गया। इस विधानसभा से भी पारित करने के बाद केंद्र सरकार से नौवीं सूची में शामिल करने की अपील की जाएगी। इस स्थानीय नियोजन के आधार पर 1932 के खतियानी ही झारखंड के मूल निवासी माने जाएंगे। 1932 से पूर्व हुए सर्वे को आधार माना जाएगा। भूमिहीनों को ग्राम सभा से पहचान के बाद स्थानीय घोषित किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में 77 हजार आंगनबाड़ी सेविका, सहयिका के मानदेय बढ़ोतरी की मंजूरी दी गयी। सूबे के 86 प्रखंडों में आवासीय निर्माण के लिए 468.80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी। राज्य में सुखाड़ की वजह से रबी फसल के लिए बीज की खरीद 90 प्रतिशत अनुदान  की मंजूरी दी गयी।  जुगसलाई डिग्री कॉलेज में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के 29 पद सृजित किये गये।राज्य के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में बच्चों को 5 दिन अंडा फल दूध मिलेगा। झारखंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स 2022 का गठन किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर.केबिनेट ने मुहर लगाई।

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