जल जीवन मिशन के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजनOrganized district level workshop under Jal Jeevan Mission

योजनाबद्ध तरीके से काम करे ग्राम स्वच्छता समिति : माधवी मिश्रा

रामगढ़: जल जीवन मिशन के तहत बृहस्पतिवार को उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा की अध्यक्षता में छतरमांडू स्थित टाउन हॉल रामगढ़ में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान उपायुक्त माधवी मिश्रा, उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष रीता देवी सहित अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों को पौधा देकर कार्यशाला में उनका स्वागत किया गया। जिसके उपरांत सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

जिला स्तरीय कार्यशाला के दौरान उपायुक्त माधवी मिश्रा ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, जल सहियाओं आदि को जल जीवन मिशन के उद्देश्यों के प्रति जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप सभी को आपके द्वारा दिए जाने वाले महत्वपूर्ण योगदान की पूरी जानकारी हो।

मौके पर उपायुक्त ने ग्राम स्तर पर गठित ग्राम स्वच्छता समिति को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जलापूर्ति कनेक्शन लेने एवं जलापूर्ति कनेक्शन के नियमित संचालन हेतु मासिक भुगतान करने, सॉलि़ड, लिक्विड व प्लास्टिक वेस्ट कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करने, ग्रामीणों को ओडीएफ प्लस गतिविधियों के प्रति जागरूक करने की अपील की वहीं उपायुक्त ने सभी से जिला स्तरीय कार्यशाला के दौरान राज्य समन्वयकों द्वारा बताई जाने वाली सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक सुनने एवं किसी भी प्रकार की दुविधा को कार्यशाला के दौरान ही दूर कर लेने की अपील की।

कार्यशाला के दौरान उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष एवं जिला परिषद उपाध्यक्ष सहित अन्य ने जल जीवन मिशन को सफल बनाने हेतु किए जाने वाले कार्य एवं लोगों को अभियान से जोड़ने के संबंध में सभी को विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान ने सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने प्रतिभागियों को जल जनित विमारियो के बारे में बताया साथ ही उन्होंने सभी को जल जनित बीमारियों से बचने एवं शुद्ध पेयजल का उपयोग करने के संबंध में सभी को जानकारी दी। कार्यशाला में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें जल जीवन  मिशन के तहत बनने वाले वाटर सप्लाई के विभिन्न मॉडल्स के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। घरेलू नल जल कनेक्शन के लिए ग्राम जल स्वच्छता समिति एवं समुदाय की भूमिका एवं झार जल एप से सर्वे के बारे में स्टेट यूनिसेफ कंसलटेंट संजय गौतम ने विस्तार से चर्चा की।  इसके अलावा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्टार रेटिंग के साथ ओडीएफ प्लस विलेज के संबंध में चर्चा की गयी ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में शोकपिट के विभिन्न मॉडल्स, कंपोस्ट पिट के विभिन्न मॉडल ओर  गोवर्धन योजना के साथ साथ महावारी अपशिष्ट प्रबंधन पर विस्तार से अपने विचारों को प्रतिभागियों के बीच यूनिसेफ स्टेट कालसंटेंट संजय पांडेय ने साझा किया एवं विलेज एक्शन प्लान बनाने में गांव  के ग्रामीणों की सहभागिता के बारे में बताया। 

 धन्यवाद ज्ञापन जिला समन्वयक डा. विपुल सुमन ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों ,सह कर्मियों, प्रेस मीडिया , यूनिसेफ सपोर्टेड टीम डेवनेट, आईएएसए वीर सुभाषचंद्र बोस सेवा संस्थान को कार्यशाला को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

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