रांची: शहर की संकरी गलियों और उन इलाकों में, जहां सामान्य एंबुलेंस का पहुंचना मुश्किल होता है, अब मरीजों तक शुरुआती चिकित्सा सहायता पहुंचाने में बाइक एंबुलेंस मददगार बनेगी। रांची सदर अस्पताल में रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने DRDO की स्वदेशी तकनीक से लैस आठ ‘नमो जीवन रक्षक रक्षित’ बाइक एंबुलेंस का लोकार्पण किया। इनमें सात बाइक एंबुलेंस सदर अस्पताल और एक सेवा सदन को दी जाएगी।

लोकार्पण के दौरान संजय सेठ ने खुद बाइक एंबुलेंस चलाकर उसकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद जरूरी है। इन बाइक एंबुलेंस का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले इलाकों, संकरी सड़कों और दूरस्थ बस्तियों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में आने वाली बाधाओं को कम करना है।

तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगी सेवा

संजय सेठ ने कहा कि इन वाहनों को आम लोगों की सेवा में लगाने से पहले जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद जरूरत के समय मरीजों तक तेजी से पहुंचने और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में अनावश्यक देरी कम करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

सिर्फ परिवहन नहीं, शुरुआती इलाज में भी मदद

DRDO की विकसित और पेटेंट प्राप्त स्वदेशी तकनीक पर आधारित ‘रक्षित’ बाइक एंबुलेंस को ऐसे रास्तों के लिए तैयार किया गया है, जहां बड़ी एंबुलेंस के पहुंचने में परेशानी होती है। इसमें मरीज को बाइक के जरिए ले जाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही, आपात स्थिति में शुरुआती चिकित्सा सहायता देने के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

इसमें ऑक्सीजन की सुविधा, प्राथमिक उपचार किट, एयर स्प्लिंट और आईवी फ्लूइड देने की व्यवस्था शामिल है। मल्टी-पैरामीटर पेशेंट मॉनिटर की मदद से मरीज के ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति, तापमान और ईसीजी की निगरानी की जा सकती है। इससे मौके पर मरीज की स्थिति का आकलन करने और आगे की चिकित्सा सहायता की जरूरत समझने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

बाइक एंबुलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम में रांची की महापौर रोशनी खलखो, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू और उपमहापौर नीरज कुमार उपस्थित रहे।