रांची: शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो गया है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा से नवरात्र का विधिवत शुभारंभ होगा। शारदीय नवरात्र को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का काम अंतिम चरण में है। पूजा समितियां पंडाल निर्माण में जुटी हैं। बाजारों में कलश, चुनरी, नारियल और पूजन सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखेंगे। मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व है।

नौ दिनों की पूजा का क्रम

पहले दिन 11 अक्टूबर रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा होगी जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और स्थिरता और शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। दूसरे दिन 12 अक्टूबर सोमवार को तप और साधना की देवी मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होगी। तीसरे दिन 13 अक्टूबर मंगलवार को मां चंद्रघंटा की पूजा होगी जिनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। चौथे दिन 14 अक्टूबर बुधवार को सृष्टि की रचयिता मां कूष्मांडा की पूजा होगी। पांचवें दिन 15 अक्टूबर गुरुवार को संतान की रक्षक मां स्कंदमाता की आराधना होगी।  छठे दिन 16 अक्टूबर शुक्रवार को युद्ध की देवी मां कात्यायनी की पूजा होगी। सातवें दिन 17 अक्टूबर शनिवार को दुष्टों का विनाश करने वाली मां कालरात्रि की पूजा होगी। आठवें दिन 18 अक्टूबर रविवार को मां महागौरी की पूजा होगी जो पवित्रता और शांति की प्रतीक हैं। नौवें दिन 19 अक्टूबर सोमवार को सभी सिद्धियों को देने वाली मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ महानवमी मनाई जाएगी।

20 अक्टूबर को विजयादशमी

नवरात्र के बाद 20 अक्टूबर मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा और रावण दहन की परंपरा भी निभाई जाएगी। दशहरा के साथ ही दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन हो जाएगा।