छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे… शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे, छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे। शिक्षा के मंदिर भईया, शिक्षा के पुजारी, शिक्षा के मंदिर भईया, शिक्षा के पुजारी, शिक्षा के उमंगवा में नाचई नर-नारी। छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे… शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे। मुन्ना पढ़ई, मुन्नी पढ़ई, पढ़ई भैईया बहिन, मुन्ना पढ़़ई, मुन्नी पढ़़ई, पढ़़ई भैईया बहिन , शिक्षा कर दिया जलई, शिक्षा कर दिया जलई, नाचई बनवासी। छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे… शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे।च, छः पढ़ई, ट, ठ, पढ़ई, पढ़ई क, ख, ऊवां अक्षर-अक्षर ज्ञान बढ़ैईय, अक्षर-अक्षर बढ़ैइय हो जा साक्षर भाई। छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे… शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे। ज्ञान बढ़ई, मान बढ़ई, औरो बढ़ई शान , निरक्षरता दूर होतई, निरक्षरता दूर होतई, भारत महान। छोटा नागपुरे, छोटा नागपुरे… शिक्षा कर मांदर बाजईय घरे-घरे। श्रीकान्त निराला ग्राम – गोन्दलपुरा, पोस्ट – बादम, प्रखण्ड – बड़कागांव, जिला – हजारीबाग, झारखंड Disclaimer- यह रचना लेखक ने स्वविवेक से भेजी है, खबर सेल मौलिकता के संबंध में पुष्टि नहीं करता है। Khabarcell News से जुड़ेंWAWhatsApp Channel पर Join करेंTGTelegram Channel पर Join करें Post navigation16 मई 2023: क्या आप जानते हैं ? आज का पंचांग: 17 मई 2023