रामगढ़: संयुक्त विस्थापित मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सीसीएल भुरकुंडा परियोजना कार्यालय में प्रबंधन को दो सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें भुरकुंडा रोड सेल को अविलंब चालू करने और चार राजस्व ग्राम देवरिया-बरगांवा, कुरसे, दुंदुवा और बलकुदरा के विस्थापितों को 75% भागीदारी सुनिश्चित करने और विस्थापितों के रोजगार हेतु सीएमडी से अविलंब वार्ता कराने की मांग रखी गई।

मांग पत्र में कहा गया है कि चारों राजस्व ग्राम के रैयत विस्थापितों ने राष्ट्रहित, उद्योगहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण स्वीकृति के लिए पूरा सहयोग किया है। रैयत विस्थापितों द्वारा पर्यावरण स्वीकृति के समय भुरकुण्डा सीसीएल प्रबंधन के समक्ष मांग रखी गई थी कि भुरकुंडा परियोजना में राजस्व ग्राम के 2248 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया गया है, जबकि इसके एवज में एक भी रैयत विस्थापित को आज तक नौकरी और पूरा मुआवजा नहीं दिया गया। इसलिए तत्काल वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय। इसपर प्रबंधन के द्वारा सहमति जताया गया था कि रोडसेल अविलंब चालू किया जायेगा। जो अब तक चालू नहीं किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में राणा प्रताप सिंह, झरी मुंडा, महावीर मांझी, जय लाल सिंह वीरेंद्र यादव, राजकुमार, परमवीर प्रसाद, रोहित मुंडा ,लालदेव, रामदास मांझी, कृष्ण मांझी, मन्ना राय, बबलू मुर्मू, नरेंद्र बेदिया, सिकंदर मुर्मू, राजेश्वर सिंह कपूर, परमवीर सिंह, सहित अन्य लोग मौजूद थे

By Admin

error: Content is protected !!