रामगढ़: विस्थापित-प्रभावित संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सीसीएल भुरकुंडा प्रबंधन को सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी के नाम दिए गए मांग पत्र में कहा गया कि चार वर्षों से बंद भुरकुंडा रोड सेल को अविलंब चालू किया जाए, भुरकुंडा कोलियरी अर्न्तगत संगम आउटसोर्सिंग खुली खदान से उत्पादन होने वाला 75 प्रतिशत कोयला रोड सेल में आवंटित किया जाए, भुरकुंडा कोलियरी से विस्थापित प्रभावित राजस्व ग्राम देवरिया, कुरसे, दुन्दुवा, बलकुदरा के मूल रैयतों के परिवार को चिन्हित कर जिन्हें नौकरी और मुआवजा अबतक नही मिला है उन्हे प्राथमिकता के आधार पर नौकरी-मुआवजा प्रदान कि जाए, संगम आउटसोर्सिंग खदान में खनन कर रही आउटसोर्सिंग कम्पनी बीएलए में चारों राजस्व ग्राम के रैयतों और बेरोजगारोन को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, भुरकुण्डा कोलियरी से प्रभावित चारो राजस्व ग्राम में सीसीएल की ओर से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए और निःशुल्क विद्युत औल पेयजल की सुविधा दी जाए, भुरकुण्डा कोलियरी से प्रभावित चारो राजस्व ग्राम देवरिया, कुरसे, दुन्दुवा, बलकुदरा के छात्रों को बरका-सयाल क्षेत्र अर्न्तगत संचालित डीएवी विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नामांकन सुनिश्चित कराया जाए और जरूरतमंद निर्धन परिवार के छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जाए। कंपनी की खाली पड़ी जमीन और क्वार्टर चारों राजस्व ग्राम के रैयत ग्रामीणों को आवंटित किया जाए।
मांग पत्र में आगे कहा गया है कि भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी सभी मांगों पर पहल करें और इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर समिति को सूचित करें, अन्यथा समिति जनहित में आंदोलन को बाध्य होगी और इसकी सारी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में कुरसे पंचायत के पूर्व मुखिया रामदास बेदिया, पंसस कार्तिक मुंडा, संजय यादव, जितेंद्र बेदिया, टिंकू प्रजापति, बुलेंद बेदिया सहित अन्य शामिल थे।
