केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण : प्रकाश विप्लव
रिपोर्ट- एसके सिन्हा
बालूमाथ: माकपा कार्यकर्ताओं लातेहार जिला कमेटी ने टोरी चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराने की मांग को लेकर उदयपुरा से समाहरणालय तक पदयात्रा की। जिसका नेतृत्व राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य कमेटी सदस्य अयुब खान, जिला सचिव रसीद मियां ने किया। पदयात्रा में माकपा कार्यकर्ता और किसान सभा के कार्यकर्ता हाथ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की फोटो और पार्टी का झंडा-बैनर लिए शामिल हुए।
पदयात्रा समाहरणालय पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या पलामू प्रमंडल की आम जनता की समस्या है। जाम में घंटों लोग फंसे रहते हैं, बिमार नागरिकों, महिलाओं, पुरुषों को जाम मे काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, जाम में फंसकर ग्रामीण असमय अपनी जान गवां रहे हैं, फ्लाई ओवरब्रिज के लिए शिलान्यास हुए करीब पांच वर्ष हो गए लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जाम से निजात पाने के लिए किसानों को ईच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है।
वहीं सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इसके उपरांतराज्य सचिव प्रकाश विप्लव, पार्टी राज्य कमेटी सदस्य सह किसान नेता अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मिलकर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि 03 अप्रैल 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा टोरी – चंदवा फ्लाई ओवरब्रिज की निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था। अब तक करीब सात बार टेंडर निकाला गया है। इतने अरसे बाद भी निर्माण शुरू नहीं होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण नहीं होने से लोग बड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं।
पदयात्रा में बैजनाथ ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, मानती देवी, लाली देवी, सरिता देवी कालो देवी, मंजू देवी, सुगीचा देवी, रीतु देवी, रुपन्ती कुमारी, मुक्तिला देवी, सुनिता देवी, रानो देवी, आशा देवी, मालती देवी अजमेरून खातुन, कसिरन बीवी, आसकी देवी, विनोद उराँव, महेन्द्र गंझु, गुजरा गंडू, रविशंकर गंझु, राजू साव,परवेज खान, सजेबुल खान, तबरेज खान, एहसान खान,सहनवाज खान, आरीफ खान,आदिल खान, फिरदोस खान, अशोक गंझू, लालु गंझु, बोने टोपनो, अमित भेंगरा, जिदन टोपनो, थोमस टोपनों, बने होरो, सुमन बरजो, अलताफ खान, नसीम खान, मुना गंझु, बैजनाथ ठाकुर,सुलेन्द्र गंझू, माईकल हंस समेत सैंकड़ों महिला पुरूष शामिल थे।
