रिपोर्ट- एसके सिन्हा
बालूमाथ। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह सूबे के पूर्व मंत्री बैजनाथ राम के राज्यसभा सांसद बनने पर बालूमाथ में हर्ष का माहौल है। बालूमाथ के मुरपा चौक पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनकी जीत पर शुक्रवार को जमकर पटाखे फोड़े और मिठाई बांटकर खुशी व्यक्त की। अवसर पर स्थानीय लोगों ने कहा कि लातेहार के पूर्व विधायक बैजनाथ राम राज्यसभा सांसद के रूप में चुना जाना क्षेत्रवासियों के लिए गौरव का विषय है। उनके माध्यम से लातेहार जिला सहित झारखंड की मुख्य आवाज संसद तक पहुंचेगी। मौके पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप गंझू सचिव कपिलदेव उरांव, भागिया पंचायत अध्यक्ष संदीप साव, रजवार पंचायत अध्यक्ष ईदु अंसारी, बसिया पंचायत अध्यक्ष साबिर अंसारी, बालूमाथ पंचायत अध्यक्ष राजू गंझू, सेरेगड़ा माईकल कुजूर, प्रखंड कमेटी सदस्य मो. शाहिद अंसारी, संदीप गुप्ता सिकंदर उरांव, अमन भोक्ता, राजू गंझू, ऐश्वर्या उरांव सहित दर्जनों झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विधायक से मंत्री और राज्यसभा सांसद बनने का सफर
राज्यसभा के नवनिर्वाचित सांसद बैजनाथ राम को 26 वर्षों के राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक और पांच बार अलग-अलग विभागों मंत्री बनकर राज्यसभा सांसद बनने का सफर तय किया है। भाजपा से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर जनता दल यूनाइटेड से होते हुए पुनः भाजपा और फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा पर आकर रूका हैं।
उन्होंने तीन अलग-अलग दलों के टिकट पर कुलज्ञपांच बार विधानसभा चुनाव लड़कर तीन बार जीत दर्ज की है । 2024 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें फिर से पांचवीं बार बतौर मंत्री शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग में मंत्री बनाया गया था। वहीं 2024 के विधानसभा चुनाव में बैजनाथ राम कांटे की टक्कर में भाजपा प्रत्याशी प्रकाश राम से 436 वोट से पराजित हो गए थे। विधानसभा चुनाव में पराजित होने हो जाने के बाद भी झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय नेतृत्व ने बैजनाथ राम को वरीयता देखकर केंद्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व सौपा ।
2026 के द्वितीय वार्षिक राज्यसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैजनाथ राम को अपना प्रत्याशी बनाकर देश के उच्च सदन में झारखंड का नेतृत्व करने का अवसर देकर एक तीर से कई निशाने साथ लिए हैं। बैजनाथ राम दलित समाज से आते हैं दलित वोट वर्ग के साथ पलामू प्रमंडल का प्रतिनिधित्व मिलने से झारखंड मुक्ति मोर्चा का इस क्षेत्र में पहले से और अधिक विस्तार मिलने की प्रबल संभावना है । तीन टर्म विधायक और पांच बार मंत्री का दायित्व निभाने के बाद राज्यसभा सांसद बनकर लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ लातेहार विधानसभा ही नहीं पलामू और चतरा लोकसभा क्षेत्र सहित राज्य को मिलने की उम्मीद है।
बताते चलें कि बैद्यनाथ राम लातेहार शहर के शहीद चौक स्थित धोबी मोहल्ले के रहने वाले हैं। उनका जन्म साल 1967 में लातेहार के ही परसही गांव में हुआ। इन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव में प्राप्त की। मैट्रिक और इंटर बालक उच्च विद्यालय, लातेहार से किया। लातेहार के बनवारी साहू महाविद्यालय से इन्होंने राजनीतिक शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की।
