उरीमारी (हजारीबाग): लोकल सेल मुंशी कार्यालय उरीमारी में मंगलवार को विस्थापित संघर्ष मोर्चा उरीमारी-पोटंगा के तत्वावधान में हुल दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धू कान्हू, चाँद भैरव, बाबा तिलका मांझी और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने “संथाल के वीर शहीद अमर रहें” के नारे लगाकर शहीदों को नमन किया।

वक्ताओं ने कहा कि 1855 का संथाल हूल अंग्रेजों और शोषकों के खिलाफ आदिवासी अस्मिता और स्वाभिमान की पहली बड़ी लड़ाई थी। सिद्धू-कान्हू के नेतृत्व में दिए गए बलिदान आज भी हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देते हैं। विस्थापन के मुद्दे पर भी संगठन ने एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया।

मौके पर सीताराम किस्कू, कानू मरांडी, दशाराम हेम्ब्रम, सिगू हेम्ब्रम, राजेंद्र किस्कू, तालो बेसरा, कतिलाल हेम्ब्रम, वासदेव सोरेन, कंचन सोरेन, लालदेव सोरेन, विजय हंसदा, मनाराम टुडू, विनोद प्रजापति, महेश गंझू, रतन पवारिया, सीतामुनी देवी, तेतरी देवी, पंचायत समिति सदस्य गीता देवी, फूलमती देवी, शांति देवी, फुलमुनी देवी, सनोज हेम्ब्रम, शिबू ठाकुर, सुमित ठाकुर, सुर्यमुनी देवी, नंदू प्रजापति, शिवा उरांव, अरुण किस्कू, राजू किस्कू, अशोक किस्कू, ललन देवी, मनीष हेम्ब्रम, सुशीला देवी, पुरन मांझी, मनु टुडू, देवा हेम्ब्रम, महादेव टुडू सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।

 

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