रांची: जातीय जनगणना के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर बुधवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी में लोक भवन मार्च निकाला। दोपहर करीब 12 बजे मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुआ यह मार्च करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर लोक भवन के समक्ष समाप्त हुआ। मार्च का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने किया।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार पर ओबीसी की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि जब जनगणना फॉर्म में एससी-एसटी के लिए अलग कॉलम है तो 65 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी के लिए क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना केवल आंकड़ा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और हिस्सेदारी तय करने का आधार है।

मार्च के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि केन्द्र सरकार आगामी जनगणना में ओबीसी की वास्तविक आबादी दर्ज करने के लिए अलग कॉलम सुनिश्चित करे, ताकि आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण वैज्ञानिक आधार पर हो सके।

मार्च में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व सांसद धीरज साहू, विधायक ममता देवी, पूर्व विधायक योगेंद्र साव, अंबा प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सिंह, शमशेर आलम, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।