रांची: दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक, प्रशासन के सामने कई स्तरों पर व्यवस्थाएं बनाए रखने की जिम्मेदारी थी। त्योहार के शांतिपूर्ण समापन के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने इसे प्रशासन, पुलिस, पूजा समितियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

पूजा के दौरान भीड़ और यातायात को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया। प्रतिमा विसर्जन के समय सुरक्षा के लिए स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की सहायता ली गई। इन व्यवस्थाओं में विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी समूहों की भूमिका रही।
इस बार पूजा पंडालों के जरिए नशामुक्ति का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रेरणा से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया। पंडालों में लगाए गए फ्लैक्स के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के महत्व को रेखांकित किया गया।

डीसी ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, दंडाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग, शांति समितियों, दुर्गा पूजा समितियों, युवा दस्तों और आम लोगों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर उनका संदेश स्पष्ट रहा कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों की सफलता के लिए प्रशासनिक व्यवस्था के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है।

