तीन सत्र से अटकी छात्रवृत्ति पर कल्याण विभाग का घेराव 5 नवंबर को
रांची: ई-कल्याण छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने वाला है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने लंबित छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर आगामी 5 नवंबर को आंदोलन का ऐलान किया है। साथ ही सूबे के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के इस्तीफे की मांग की है।
फेडरेशन के छात्र नेता अफजल दुर्रानी ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है। 2024-25 की छात्रवृत्ति तो करीब दो साल से लंबित है। इससे गरीब परिवार के विद्यार्थियों को फीस, नामांकन शुल्क और पढ़ाई का खर्च उठाने में भारी परेशानी हो रही है। कई छात्रों को पढ़ाई छोड़ने की नौबत आ गई है।
आगे, उन्होंने कहा कि सरकार मंईयां सम्मान योजना पर ध्यान दे रही है, जबकि छात्रों की शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कल्याण विभाग भुगतान की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
बताया जाता है कि 5 नवंबर को सुबह 10 बजे करमटोली चौक से छात्र मार्च निकालेंगे। यह मार्च मोरहाबादी स्थित कल्याण विभाग कार्यालय तक जाएगा, जहां प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। संगठन ने दावा किया कि विभिन्न जिलों से छात्र इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
संगठन की ओर से तीन मुख्य मांगों पर आवाज बुलंद किया जाएगा। इन मांगों में तीनों सत्रों की बकाया छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान, छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान और कल्याण मंत्री का इस्तीफा शामिल है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है। प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष एहतेशाम परवीन, उपाध्यक्ष जमीर अहमद, तेजू मिरधा और सोनू कुमार मौजूद थे।

