एशियन गेम्स में झारखंड की बेटियों का जलवा

चीन पर 1-0 की जीत के बाद बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत

रांची: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। जापान के आइची-नागोया में चीन के खिलाफ 1-0 की जीत वाली इस टीम का हिस्सा रहीं झारखंड की सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग रविवार को रांची पहुंचीं, जहां बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खेलप्रेमियों और हॉकी जगत के लोगों ने उनका स्वागत किया।

एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए हॉकी झारखंड के पदाधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और परिजन मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों के बीच चारों को फूल-मालाएं पहनायी गयीं। खिलाड़ियों के पहुंचते ही परिसर में समर्थकों ने नारे लगाकर अपनी खुशी जतायी।

परिजनों से मिलकर भावुक हुईं खिलाड़ी

रांची पहुंचने के बाद चारों खिलाड़ियों ने अपने माता-पिता और परिजनों से मुलाकात की। लंबे अभियान के बाद परिवार से मिलते समय भावुक माहौल रहा। खिलाड़ियों ने परिजनों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्हें बुके और मिठाई देकर सम्मानित किया गया।

सलीमा की कप्तानी में भारत की ऐतिहासिक जीत

फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सलीमा टेटे ने टीम की कप्तानी की, जबकि निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग भी भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। इस सफलता ने झारखंड की हॉकी प्रतिभा को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलायी है।

हॉकी झारखंड ने किया सम्मान

स्वागत समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी, कोषाध्यक्ष अस्रिता लकड़ा, महानिदेशक विजय शंकर सिंह, माइकल लाल और दुलारी टोपनो समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। झारखंड की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति, सुमराय टेटे, विभिन्न जिलों के हॉकी प्रतिनिधि, प्रशिक्षक और खिलाड़ी भी समारोह में शामिल हुए।