रांची: पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने भाजपा पर झारखंड के विकास से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने और सामाजिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सवालों पर ठोस पहल की जरूरत है, लेकिन भाजपा जनहित के बजाय सांप्रदायिक विचारों को प्राथमिकता दे रही है।

रविवार को मोरहाबादी स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तिर्की ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे के संदर्भ में पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है।

तिर्की ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता से है। आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी समाज के मुद्दों को चुनावी नजरिये से देखती है।

पूर्व मंत्री ने संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में विकास, सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। झारखंड का भविष्य विभाजन के बजाय जनहित और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने से तय होगा।