38 योजनाओं को दिखाया पूर्ण, क्रियान्वित मिली सिर्फ 7
रांची: झारखंड छात्र संघ ने बुधवार को पेयजल मंत्री योगेंद्र महतो को ज्ञापन सौंप जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अधूरी योजनाओं को पूर्ण दिखाकर भुगतान किए जाने की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

कांके स्थित विश्वा सभागार में बुधवार को जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक से पहले संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने मंत्री के समक्ष मामला रखा। उन्होंने बताया कि खूंटी प्रखंड की लांदुप पंचायत के क्लस्टर-8B में 16 गांवों के लिए 82 योजनाएं स्वीकृत थीं। विभागीय रिकॉर्ड और पोर्टल पर 38 योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि मौके पर केवल सात योजनाएं ही पूरी मिलीं।
संघ का आरोप है कि आठ योजनाओं में पहुंच पथ तक नहीं बना है और बाकी योजनाएं अधूरी हैं। इसके बावजूद संबंधित एजेंसी को करीब 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह की अनियमितता क्लस्टर-8A, 9A, 9B, 10A, 10B और 11A में भी होने का आरोप है।
एस. अली ने तत्कालीन कनीय अभियंता रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर और निर्माण एजेंसियों की भूमिका की जांच की मांग की है। आरोप है कि थर्ड पार्टी निरीक्षण और जमीनी सत्यापन के बिना ही अधूरे कार्यों को पूर्ण बताकर प्रमाण पत्र जारी कर राशि का भुगतान कर दिया गया।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल में रंजीत उरांव, विकास होरो, मो. फुरकान, जियाउद्दीन अंसारी, गुलजार खान, मो. आसिफ, सरफराज सामी और सुरेश मुंडा समेत कई लोग शामिल थे।

