| मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया उद्घाटन |
बिरसा कृषि रथ को दिखाई गई हरी झंडी
रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में मंगलवार को तीन दिवसीय राज्य स्तरीय ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026’ का शुभारंभ हुआ। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, विधायक दीपिका पांडेय सिंह, राज्यसभा सांसद महुआ माजी सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे। कृषि आधारित इस प्रकार के राज्य के पहले मेगा आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती को अत्याधुनिक तकनीक और व्यापार से जोड़कर किसानों की आय को बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह मेला सिर्फ कृषि प्रदर्शनी नहीं, बल्कि झारखंड के किसानों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों को एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित करने का कड़ा निर्देश दिया, जिसके माध्यम से राज्य के किसान अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं का वैज्ञानिकों से सीधे घर बैठे डिजिटल समाधान पा सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार के लिए ‘बिरसा कृषि रथ-2026’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब तक राज्य के 4.5 लाख से अधिक किसानों का कृषि ऋण माफ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही लाभ दिलाने के लिए कृषि उत्पादों का व्यवसायीकरण और सही बाजार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
मेले के पहले दिन मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के कई प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कृषि कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, टाना भगत परिवारों को पशु शेड निर्माण हेतु अनुदान राशि, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजिटल एआई किट (Digital AI Kit) और नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण भी किया गया।
बताते चलें कि कृषि मेले में सरकारी, गैर-सरकारी और कृषि स्टार्टअप्स के 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। देश के विभिन्न कोने से आए 50 से अधिक प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक तीन दिनों तक चलने वाले अलग-अलग सत्रों में किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे वाली खेती के गुर सिखा रहे हैं। मेले में किसानों, युवाओं और कृषि क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रवेश और पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है। मेला 18 जून तक चलेगा।
