समोसा: रूप एक और स्वाद अनेक!Samosa: One form and many tastes!

भारत में अरबों का है समोसे का कारोबार

रिपोर्ट:- राजू 

समोसा! अपने भारत में वर्षों से नाश्ते का एक प्रमुख व्यंजन है। चटपटे स्वाद के कारण समोसा देश के कोने-कोने में काफी लोकप्रिय है। यहां ठेले-खोमचे से लेकर छोटे दुकान, रेस्टोरेंट और फाइव स्टार होटलों में भी समोसा मिलता है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में रोजाना लगभग छह करोड़ समोसे खाये जाते है। समोसे का कारोबार अरबों रुपये का है। कई लोगों की जीविका पूरी तरह से समोसे के बिजनेस से ही जुड़ी हुई है। उत्तर भारत के बिहार-झारखंड में इसे ‘सिंघाड़ा’ नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी भाषा में इसे ‘Rissole’ भी कहते हैं। आज जानते हैं आपके पसंदीदा समोसे की कहानी और इसके अलग-अलग स्वाद के बारे में ।

 जानें समोसे का इतिहास और विकास

समोसे का इतिहास काफी पुराना और पेचीदा है। इसे लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। अधिकांश तौर पर माना जाता है कि समोसा की शुरूआत इरान देश से हुई है। फारसी इतिहास में समोसे की तरह के डिश का उल्लेख भी मिलता है। जिसे ‘संबुशक’ नाम से जाना जाता है। 11वीं सदी के फारसी इतिहासकार अबुल-जल-बेहाकी ने अपने लेख में गजनवी के दरबार में इस प्रकार के व्यजंन का जिक्र किया था। जिसमें कीमा और मावा भरें जाने की जानकारी मिलती है। इस व्यंजन के भारत आते-आते कई बदलाव हुए। भारत में न सिर्फ समोसे का आकार बदला बल्कि कीमे की जगह भुने हुए मसालेदार आलू ने ले ली। समोसा तब से भारतीय लोगों की पसंद बना हुआ है। बीते वर्षों में स्वाद के लिहाज से समोसे में काफी बदलाव भी किये गये। 

समोसे की मिलती है कई वेरायटी

चाय के साथ समोसा लोगों को काफी पसंद है। जबकि कई लोग चटनी और छोले के साथ समोसा खाना पसंद करते हैं। अपने देश में 30 से ज्यादा किस्म के समोसे बिकते हैं। समोसे का आकार वही रहता है, लेकिन आलू के भरावट की जगह दूसरी चीजें भरी जाती है। देश में कई जगहों पर खोवा, चीज़, पास्ता, पनीर, सूजी, चॉकलेट के साथ-साथ कीमा और अंडे के समोसे भी बिकते हैं। खासकर बड़े शहरों में समोसे की वेराइटी देखने को मिलती है। इटालियन पिज्जा समोसा, मशरूम समोसा, मंचूरियन समोसा, पाईनेप्पल समोसा, पनीर समोसा आपको अलग स्वाद का लुत्फ देते हैं। अमुमन आलू का समोसा साईज और भरावट के हिसाब से पांच से 20 रुपये तक बिकता है। जबकि अलग इंग्रीडिएंट्स वाले समोसे की कीमत 10 रूपये से लेकर 60-70 रुपये होती है।

वहीं जानकारों की मानें तो इसका अधिक सेवन स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। मैदा, तेल और मसाला स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। बहराल, एक रूप और अनेक स्वाद के बावजूद आपके पसंदीदा समोसे और आलू का रिश्ता आज भी कायम है।

 

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Disclaimer: उपरोक्त लेख प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखी गई है। हम तथ्यों की पुष्टि बिल्कुल नहीं कर रहे हैं। आप स्वविवेक से निर्णय लें। 

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