उरीमारी (हजारीबाग): डीएवी पब्लिक स्कूल उरीमारी में सोमवार को रंगोत्सव मनाया गया। स्कूल के प्रांगण में जब नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने खिलखिलाते चेहरों और पारंपरिक परिधानों के साथ दस्तक दी, तो ऐसा लगा मानो पूरा विद्यालय परिसर इंद्रधनुषी छटा में सराबोर हो गया हो। विद्यालय में आयोजित प्रतीकात्मक होलिका दहन और रंगोत्सव मनाया गया।
​बचपन के रंगों से सजी महफिल कार्यक्रम में नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के नन्हे सितारों ने भाग लिया। कोई नन्हा कान्हा बना था तो कोई राधा, और कोई रंग-बिरंगे कुर्ते-पायजामे में अपनी मासूमियत बिखेर रहा था। बच्चों की टोली जब सज-धज कर होलिका दहन स्थल पर आई, तो उनकी मोहक प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। उनकी हंसी और उत्साह ने यह अहसास कराया कि त्योहारों की असली रौनक तो इन्हीं मासूमों के आंगन में बसती है।
​बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
​समारोह के दौरान प्रतीकात्मक होलिका दहन किया गया, जो हमें याद दिलाता है कि अहंकार और बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सत्य की सात्विक अग्नि में उसे भस्म होना ही पड़ता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों का मुंह मीठा कराया गया, जिससे उत्सव की मिठास और बढ़ गई।
​इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सोनिया तिवारी ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित किया। उनके शब्दों में ममता और सीख दोनों झलक रही थी। उन्होंने कहा:

​”होली का यह पावन पर्व ऊंच-नीच, अमीर-गरीब के हर कृत्रिम भेदभाव को मिटा देता है। यह वह धागा है जो पूरे समाज को एकता के सूत्र में पिरोता है। हमें प्राकृतिक रंगों का ही चयन करना चाहिए ताकि हमारी प्रकृति और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें।” ​उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि आज के दौर में सबसे जरूरी है कि हम पुराने वैर-भाव और गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाएं और प्रेम की नई इबारत लिखें। इस अवसर पर विद्यालय के सभी वरिष्ठ शिक्षक एवं नन टीचिंग स्टाफ ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

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