स्थानीय लोगों के पुनर्वास के मुद्दे पर बैठक करने की मांग की
रामगढ़: सीसीएल बरका सयाल प्रक्षेत्र अंतर्गत सौंदा डी परियोजना में माइनिंग की कवायद जल्द देखी जा सकती है। माइनिंग शुरू होने से पूर्व ही आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि सीएसआर मद से क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध कराने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। जिससे सौंदा डी पंचायत के लोग भावी संभावनाओ को लेकर आशंकित हैं। माइनिंग के क्रम में बेघर होने का भी चिंता सता रही है।
इधर, मामले को लेकर सौंदा डी पंचायत के प्रतिनिधियों ने मुखिया उपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार को परियोजना पदाधिकारी कैलाश कुमार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि बीते दिनों माइनिंग करने वाली निजी कंपनी के अधिकारियों ने सीएसआर मद से पंचायत को कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की पेशकश की। जिसपर सौंदा डी पंचायत भवन में पंचायत प्रतिनिधि, यूनियन नेताओं और प्रबुद्ध लोगों की बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति निर्णय लिया गया कि स्थानीय मुद्दों पर सबकुछ साफ होने तक कंपनी से कोई भी सुविधा नहीं ली जाएगी।
ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया है कि परियोजना पदाधिकारी की अध्यक्षता में आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि के साथ पंचायत प्रतिनिधियों और यहां के गणमान्य लोगों की बैठक जल्द आयोजित की जाए। जिसमे पंचायतवासियों के पुनर्वास और उनकी सुविधाओं पर सारी वस्तुस्थिती को स्पष्ट किया जाए। इसके उपरांत ही किसी प्रकार का सहयोग किया जा सकेगा।
बताया जाता है कि ज्ञापन की प्रतिलिपि बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी और सीसीएल बरका-सयाल महाप्रबंधक अजय सिंह को भी दी जाएगी। मुखिया उपेन्द्र शर्मा, पंचायत समिति प्रतिनिधि डब्लू पाण्डेय, उप मुखिया संजय भारती, संतोष शर्मा,अमरेश कुमार, संतोष रजक शामिल थे।
