भुरकुंडा पंचायत भवन में सुबह 11 बजे से होगी बैठक

प्रदूषण, ब्लास्टिंग, पुनर्वास और रोजगार के मुद्दे पर प्रबंधन को सौंपा जाएगा ज्ञापन 

रामगढ़: सीसीएल की भुरकुंडा परियोजना में बंद संगम खुली खदान के निकट माइनिंग की शुरुआत होते ही विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी आर.ए. माइनिंग द्वारा काम शुरू कराया है। इधर, भावी संभावनाओं को लेकर आम लोग आशंकित हैं और विरोधाभास की स्थिति बन गई है। इसे लेकर भुरकुंडा पंचायत भवन में सोमवार को स्थानीय लोगों की बैठक आहूत की गई है। जिसमें भुरकुंडा और जवाहर नगर पंचायत के प्रतिनिधि और गणमान्य लोगों के साथ आम लोग भी शामिल रहेंगे। 

भुरकुंडा पंचायत मुखिया अजय पासवान और जवाहर नगर मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप मांझी ने प्रेस बयान जारी कर बैठक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। बताया जाता है कि बैठक में माइनिंग से होनेवाले प्रदूषण, ब्लास्टिंग के प्रभाव, स्थानीय लोगों के रोजगार और हटाए जाने वाले लोगों के पुनर्वास को लेकर चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिया जाएगा। इसके उपरांत जनमुद्दों को लेकर भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 

मामले को लेकर जवाहर नगर मुखिया प्रदीप मांझी ने बताया कि प्रबंधन ने बिना जानकारी दिए माइनिंग शुरू कर दिया है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी की गई है। जबकि किसी प्रकार की समस्या पर प्रबंधन ने जब भी सहयोग मांगा, हमलोगों ने हमेशा सहयोग किया है। इधर बिना जानकारी दिए माइनिंग कार्य शुरू किया गया है और क्षेत्र में होनेवाले प्रदूषण और ब्लास्टिंग के दुष्प्रभाव के बावत कुछ भी जानकारी नहीं दी गई है। स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार और खनन कार्य के दौरान हटाए जानेवाले परिवारों के पुनर्वास पर बात तक नहीं की गई है। इसका पुरजोर विरोध करते हुए प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पहल नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। 

वहीं भुरकुंडा मुखिया अजय पासवान ने कहा कि संविधान ने ग्राम पंचायत को अधिकार और शक्तियां दी है। जबकि सीसीएल प्रबंधन पंचायती राज की अनदेखी करती रही है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा पंचायत में कल सोमवार को बैठक कर जनमुद्दों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। माइनिंग से पहले सभी मुद्दों पर प्रबंधन को वार्ता कर स्थिति स्पष्ट करनी होगी। प्रदूषण की रोकथाम के उपाय, स्थानीय युवाओं के रोजगार, ब्लास्टिंग की तीव्रता और प्रभाव, उजाड़े जानेवाले परिवारों के पुनर्वास पर बात किए बिना माइनिंग नहीं करने दिया जाएगा। प्रबंधन की मनमानी चलने नहीं दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन भी किया जाएगा। 

 

 

By Admin

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