रामगढ़: उपायुक्त ऋतुराज ने बुधवार को दुलमी प्रखंड का सघन दौरा किया। इस क्रम में उन्होंने कई जगह औचक निरीक्षण कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत सचिवालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, भैरवी जलाशय सहित प्रखंड और अंचल कार्यालय का भ्रमण किया। वहीं उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

दौरे की शुरुआत में उपायुक्त ने इचातु पंचायत अंतर्गत ब्रद बेचवा आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति, राशन वितरण व्यवस्था तथा पोषण संबंधी अभिलेखों की गहन जांच की। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पोषाहार की स्थिति की जानकारी ली। उपायुक्त ने स्वयं बच्चों की लंबाई एवं वजन के आंकड़ों का सत्यापन किया तथा सेविका एवं सहायिका को निर्देश दिया कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं नियमित निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषण उन्मूलन सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी को गंभीरता से कार्य करना होगा। मौके पर उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए सभी योग्य लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त इचातु पंचायत सचिवालय पहुंचे, जहां नशा मुक्ति अभियान के तहत स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम हैं। उपायुक्त ने उपस्थित ग्रामीणों से नशामुक्त समाज निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत सचिवालय परिसर में आयोजित गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में भी भाग लिया तथा माताओं एवं बच्चों को शुभकामनाएं दीं।

इसके उपरांत उपायुक्त ने झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, स्वच्छता, पेयजल, भोजन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने एवं अपने भविष्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

भ्रमण के दौरान उपायुक्त भैरवी जलाशय भी पहुंचे, जहां उन्होंने जलाशय में संचालित केज कल्चर आधारित मत्स्य पालन गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं लाभुकों से मत्स्य उत्पादन, विपणन एवं रोजगार सृजन से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा योजनाओं के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इससे जुड़े लाभुकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने भैरवी जलाशय नहर परियोजना का निरीक्षण किया तथा परियोजना की प्रगति एवं सिंचाई सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को परियोजना कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को सिंचाई सुविधा का अधिकतम लाभ मिल सके।

दौरे के अंतिम चरण में उपायुक्त ने दुलमी प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों, प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया एवं आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ आयोजित बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी पूरी जवाबदेही के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से प्रभारी अधिकारी गोपनीय शाखा रवींद्र कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार, अंचल अधिकारी  किशोरी यादव सहित अन्य उपस्थित थे।

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