कीर्तन दरबार और अटूट लंगर में उमड़े श्रद्धालु 

रामगढ़: शहर के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में मंगलवार को सिक्ख धर्म के छठे गुरु हरगोविन्द साहिब जी का प्रकाश पर्व श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान गुरुद्वारा परिसर नारे “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” और गुरबाणी की गूंज से गुंजायमान रहा।

अवसर पर गुरुद्वारा में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया।कीर्तन दरबार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चला। इस दौरान भाई महेंद्रजीत सिंह खालसा ने “ऐसे गुरु को बल जाइये” जैसे गुरबानी सबदों से संगत को निहाल किया। उनकी मधुर आवाज में गाए गए शबदों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कीर्तन के उपरांत गुरुद्वारा में सिख संगत के लिए अटूट लंगर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।

अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा ने गुरु हरगोविन्द साहिब जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु जी को ‘सच्चा पातशाह’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने ‘मीरी-पीरी’ के सिद्धांत की स्थापना की थी। इसी प्रतीक के रूप में उन्होंने आध्यात्मिक शक्ति ‘पीरी’ और सांसारिक सैन्य शक्ति ‘मीरी’ की दो तलवारें धारण की थीं। कार्यक्रम में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में साध संगत शामिल हुए।

कार्यक्रम में प्रधान परमदीप सिंह कालरा, मीत प्रधान अमरजीत सिंह सैनी, हैप्पी छाबड़ा, महासचिव हरदीप सिंह, कुलवंत सिंह मारवाह, रघुवीर सिंह छबड़ा, प्रीतम सिंह कालरा, गुरदीप सिंह सैनी, किंकी बाबू, जोगिंदर सिंह जग्गी, गुरजीत सिंह सलूजा, विक्की छाबड़ा, जगजीत सिंह जग्गी, हरप्रीत सिंह खालसा, नरेंद्र सिंह चमन, मनपाल सिंह सोनी, राजेंद्र सिंह सोनी, रौनक छाबड़ा, अमन सिंह, सुरजीत सिंह छाबड़ा, गुरजोत सिंह, परमजीत कौर भुसरी, जसप्रीत कौर, करमजीत कौर, गगन कौर, सुखमीत कौर, सोनी, रोमी छाबड़ा, सुमी, जोली, चरणजीत कौर जॉली, मनप्रीत कौर सैनी, बलविंदर कौर छाबड़ा सहित सिख समाज के श्रद्धालु शामिल रहे।

 

 

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