भुरकुंडा (रामगढ़): रिवर साइड स्थित ऑफिसर्स क्लब में सोमवार को सुबह 11:30 बजे त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सीसीएल भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन, पीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी और 6 समितियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वार्ता में संगम माइंस के निकट नये पैच पर शुरू हुई आउटसोर्सिंग माइनिंग से संबंधित इन समितियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की जाएगी। भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन ने इन 6 समितियों के दो-दो प्रतिनिधियों को सुबह 11:30 बजे वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। 

त्रिपक्षीय वार्ता में इन समितियों को किया गया आमंत्रित 

1. रैयत विस्थापित मोर्चा

2. संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा

3. विस्थापित प्रभावित संघर्ष समिति

4. विस्थापित प्रभावित ग्रामीण बलकुदरा

5. विस्थापित प्रभावित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र संयुक्त मोर्चा

6. भुरकुंडा क्षेत्र कोयलांचल संघर्ष समिति

बताते चलें कि 13 समितियों ने भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन को अलग-अलग ज्ञापन दिया था। जिसमें आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार देने, प्रदूषण की रोकथाम के उपाय करने, माइनिंग फ्यूचर प्लान साझा करने, लोकल सेल को चालू कर कोयला आवंटित करने, सीएसआर मद से राजस्व गांव में सुविधाएं बहाल करने सहित अन्य मांगे शामिल हैं। इसे लेकर विगत 16 जून को ऑफिसर्स क्लब में त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। जिसमें सभी 13 समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

वार्ता में प्रबंधन ने अधिक समितियां हो जाने का हवाला देते हुए समितियों की जांच कर स्क्रूटनी करने की बात कही थी। वहीं इसके उपरांत राजस्व गांव कुरसे में विस्थापित प्रभावित रैयत संघर्ष संघ का गठन हुआ। संघ की ओर भी बीते एक जुलाई को प्रबंधन को मांग पत्र दिया गया।  

इधर, 4 जुलाई 2026 को भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन ने पत्र जारी किया है, जिसमें अब कुल 14 समितियों में से 6 को ही आमंत्रित किया गया है। प्रबंधन की स्क्रूटनी पूरी हो गई है या बची हुई समितियों को बाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा, यह साफ नहीं हो सका है।

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