रिपोर्ट – एस. अंसारी
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों को लेकर शुक्रवार को विधानसभा परिसर के बाहर सियासी गर्मी बढ़ गई। भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों के हाथों में ‘टैक्स इन्वॉएस’ लिखे पोस्टर दिखाएं । उनका कहना था कि राज्य में अब सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि तय रकम के बदले दी जा रही हैं। विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।
भाजपा नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में हुई सभी नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर गड़बड़ी मिलती है तो पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषी अधिकारियों और इसमें शामिल लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।
विधानसभा के बाहर नारेबाजी करते हुए भाजपा विधायकों ने कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने दोहराया कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बताते जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर राज्य में छात्र संगठन पहले से आंदोलनरत हैं। अब विपक्ष के सड़क पर उतरने से यह मामला और तूल पकड़ चुका है। विधानसभा से लेकर सड़क तक यह अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है। फिलहाल सरकार की ओर से भाजपा के आरोपों और प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
