147 बुजुर्ग किए गए सम्मानित, बच्चों ने पैर पखार कर किया अभिनंदन

गिद्दी (हजारीबाग): सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गिद्दी बस्ती में गुरुवार को ‘दादा-दादी एवं नाना-नानी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में बुजुर्गों के प्रति आदर, सेवा और संस्कारों की भावना विकसित करना था। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि अरगड्डा क्षेत्र के गुणवत्ता अधिकारी एसएन तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके उपरांत छात्राओं दने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार मिश्र ने मुख्य अतिथि को सम्मानित करते हुए कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की नींव हैं। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से बच्चों को बुजुर्गों की सेवा करने की प्रेरणा दी। इस दौरान बच्चों ने अपने दादा-दादी, नाना-नानी के पैर पखारे, तिलक लगाया, आरती उतारी और मिठाई खिलाकर सम्मान किया। भावुक माहौल में विद्यालय की ओर से सभी बुजुर्गों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में लगभग 147 दादा-दादी और नाना-नानी शामिल हुए। बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। मंच पर संगीता देवी, फुलेश्वर महतो और कार्तिक चौधरी ने अपने अनुभव साझा किए। फुलेश्वर महतो ने नागपुरी गीत के माध्यम से विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने के प्रयासों की सराहना की।

अवसर पर मुख्य अतिथि एसएन तिवारी ने कहा कि आज समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट के कारण बुजुर्गों की स्थिति दयनीय हो रही है। बढ़ते वृद्धाश्रम भारतीय संस्कृति के ह्रास का प्रतीक हैं। बच्चों को चाहिए कि वे अपने बुजुर्गों के प्रति स्नेह और सहयोग की भावना बनाए रखें।

समारोह में प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य अरुण कुमार, सोमर महली, राधेश्याम साहू, सैनाथ गंझू और समाजसेवी राधेश्याम साहू उपस्थित थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने पर बल दिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।

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