रांची: करम पर्व को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने लोगों से नशे और डीजे से दूर रहते हुए पारंपरिक रीति-विधि से पूजा करने की अपील की है। सोमवार को कचहरी परिसर स्थित समिति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में समिति ने पाहन-पुजार की अगुवाई में अखाड़े में पूजा कराने, करम डाल काटने के नियमों का पालन करने और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
समिति ने जावा फूल के इस्तेमाल, अखाड़े में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश और करम पूजा में डीजे के उपयोग से बचने की अपील की। महिलाओं से लाल पाड़ की साड़ी और पुरुषों से धोती-गंजी पहनकर शामिल होने तथा कथावाचकों से करम की पूरी कथा सुनाने को कहा गया।
कार्यक्रम में कांके, बोड़ेया, करमटोली, कोकर, बरियातू और मोरहाबादी समेत कई इलाकों से लोग पहुंचे। चडरी मौजा के राहुल पाहन ने पारंपरिक विधि से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद करम गीत और मांदर की थाप पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
समिति ने जिला प्रशासन से अखाड़ों में सुरक्षा, पेयजल, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की। बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक और शहर में विद्युत सजावट की मांग भी रखी गई।
केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा, संजय तिर्की, महिला अध्यक्ष एंजेल लकड़ा समेत सत्यनारायण लकड़ा, विमल कच्छप, अमर तिर्की, रामदास उरांव, दशमी टोप्पो, विनय उरांव, प्रमोद एक्का, राधा हेंब्रम और करमटोली मसना समिति के बुधराम उरांव मौजूद रहे।
