रांची/नई दिल्ली: राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में झारखंड ने राज्य की कृषि परिस्थितियों के अनुरूप केंद्र से विशेष प्रावधान देने की मांग की। झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसान आईडी, कृषि ऋण, कृषि यंत्रीकरण और फसल विविधीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा कि पुराने भूमि अभिलेखों के कारण Farmer ID बनाने में झारखंड को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पर्याप्त संख्या में Farmer ID बनने तक इसे PM-KISAN समेत प्रमुख कृषि योजनाओं का लाभ लेने की अनिवार्य शर्त नहीं बनाया जाए।

राइस फॉलो क्षेत्र में दलहन, तिलहन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज, कृषि यंत्रों पर 90 प्रतिशत तक सहायता और KCC कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष अभियान की मांग भी रखी गई।

रांची के पलांडू फार्म रिसर्च सेंटर को राष्ट्रीय स्तर के बागवानी एवं आदिवासी कृषि शोध संस्थान के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। सम्मेलन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर आयोजित हुआ। तिर्की ने उन्हें झारखंड आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।