रांची: मतदाता सूची में नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के लिए झारखंड में जनसंपर्क तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए पार्टी सभी जिलों में जनजागरण अभियान चला रही है। कांग्रेस का दावा है कि इस रैली के जरिए चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नागरिकों के अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। जिला प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में हाल में आयोजित कार्यक्रम को भी रैली की तैयारियों से जोड़ा।

विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी वोट चोरी से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। यादव के मुताबिक, मताधिकार की रक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थाओं की भूमिका पर सवाल खड़े होना गंभीर विषय है।

यादव ने पश्चिम बंगाल के फरक्का में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नाम जोड़ा गया और संबंधित उम्मीदवार बाद में विधायक चुने गए। उन्होंने महाराष्ट्र में 2025 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं की संख्या में कथित अंतर तथा फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और उन्हें कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर भी यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। ये सभी बातें कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप और उठाए गए सवाल हैं।

पार्टी ने 1 नवंबर की रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के साथ सोनाल शांति, उज्ज्वल तिवारी, अख्तर अली और राजन वर्मा उपस्थित थे।