रांची: झारखंड में पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पशुपालकों को दुधारू मवेशी, चारा काटने की मशीन और डेयरी से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए जिला गव्य विकास कार्यालय, रांची ने योग्य लाभार्थियों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादन और डेयरी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। योजना में अलग-अलग श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए अनुदान की दर भी निर्धारित की गई है।
दुधारू गाय-भैंस के लिए 90 प्रतिशत तक सहायता
योजना के तहत दो दुधारू गाय या भैंस उपलब्ध कराने के लिए 1,35,050 रुपये की लागत निर्धारित की गई है। आपदा एवं अगलगी प्रभावित परिवारों, सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवारों की महिलाओं, परित्यक्त और दिव्यांग महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वहीं, अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।

चैफ कटर खरीदने पर भी मिलेगी सब्सिडी
पशुओं के लिए चारा तैयार करने में सुविधा के उद्देश्य से हस्तचालित और विद्युत चालित चैफ कटर पर भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। हस्तचालित मशीन की निर्धारित लागत 12 हजार रुपये और विद्युत चालित मशीन की लागत 26 हजार रुपये है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए हस्तचालित मशीन के आवेदक के पास कम से कम पांच और विद्युत चालित मशीन के आवेदक के पास न्यूनतम 10 दुधारू मवेशी होने चाहिए। एससी-एसटी दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों को 90 प्रतिशत और अन्य श्रेणी के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
डेयरी उपकरणों की खरीद पर भी सहायता
प्रगतिशील डेयरी किसानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए कई उपकरणों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें चार बकेट वाली मिल्किंग मशीन की लागत 1.20 लाख रुपये, पनीर एवं खोआ बनाने की यूनिट की लागत एक लाख रुपये और डीप बोरिंग की लागत भी एक लाख रुपये निर्धारित है।
इन उपकरणों पर एससी-एसटी दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों को 90 प्रतिशत तथा अन्य लाभार्थियों को 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके अलावा 5,200 रुपये की निर्धारित लागत वाले काउ मैट पर भी पात्रता के अनुसार 75 से 90 प्रतिशत तक सहायता दी जाएगी।

इन परिवारों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
योजना के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान जेएसएफएसएस या एनएफएचएस के तहत अनुदान प्राप्त कर चुके परिवार दोबारा आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
इसके अलावा परिवार का कोई सदस्य सरकारी या संवैधानिक पद पर नहीं होना चाहिए। 10 हजार रुपये से अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले परिवार और आयकरदाता भी योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
चयनित लाभार्थियों को अनुदान की राशि सीधे उनके अनिवार्य एस्क्रो या डेडिकेटेड बैंक खाते में भेजी जाएगी।
15 दिसंबर तक जमा करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक ग्रामीण पशुपालक संबंधित प्रखंड के पशुपालन कार्यालय अथवा जिला गव्य विकास कार्यालय, रांची से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन के साथ ग्राम सभा या पंचायत समिति की अनुशंसा, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति और मवेशियों की तस्वीर लगाना जरूरी है।
पूर्ण आवेदन निर्धारित दस्तावेजों के साथ 15 दिसंबर 2026 तक कार्यालय अवधि में जमा करना होगा।

