श्रमिक हित में संघी भाव के साथ आगे बढ़ें : बी. सुरेंद्रन

रामगढ़: भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय 99वीं बैठक शनिवार को रिवर साइड स्थित सीसीएल ऑफिसर्स क्लब में आरंभ हुई। जिसमें मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन और विशिष्ट रूप से क्षेत्रीय संगठन मंत्री (झारखंड-बिहार) धर्मदास शुक्ला शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बलिराम यादव और मंच संचालन राजीव रंजन सिंह ने किया।

बैठक का शुभारंभ भारत माता, भगवान विश्वकर्मा और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके उपरांत सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्गुण महतो और महामंत्री शशिभूषण सिंह ने मंचासीन पदाधिकारियों का स्वागत अंगवस्त्र और पौधा देकर किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने दो दिवसीय बैठक के अंतर्गत होनेवाले सत्रों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सोच अब बदल रही है। बदलते समय के साथ टेक्नोलॉजी का उपयोग करना होगा और लीडरशीप भी डेवलप करना होगा। सभी स्तर पर एडमिनिस्ट्रेशन से अच्छा कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशन मजबूत करने की आवश्यकता है। झारखंड के प्रत्येक जिले में संघ का कार्यालय हो बैठक में इस पर भी विचार हो। वहीं उन्होंने एचईसी धुर्वा के श्रमिकों की वर्तमान स्थिति पर विचार रखते हुए कहा कि एचईसी कर्मियों को 30 माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में सभी ट्रेड यूनियनों को संघी भाव से आगे बढ़ने की जरूरत है। श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रबंधन और राज्य सरकार पर दबाव बनाना होगा।

बैठक के उद्घाटन सत्र में बीसीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के महामंत्री सह कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड सदस्य उमेश सिंह, भवन निर्माण प्रदेश अध्यक्ष बृजकिशोर राम, सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष जेपी झा, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंद्र मिश्रा, सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य विशाल कुमार, हजारीबाग जिला महामंत्री माया देवी, शिवा कुमार, दिलीप कुमार, सुभाष चंद्र ओझा, शंभू सिंह, श्रीकांत गुप्ता, अनिल पासवान, संतोष पांडेय, सुखचैन सिंह, सुधीर सिंह, कन्हैया सिंह यादव, नौशाद आलम, संजय कुमार सहित अन्य शामिल रहे।

बैठक सात सत्रों में आयोजित की जाएगी। जिसमें विशेष तौर पर झारखंड के श्रमिकों की समस्यायों पर चर्चा की जाएगी, साथ ही समस्याओं के निदान हेतु महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। मजदूरों का पलायन झारखंड में एक बड़ा मुद्दा है। इसपर गंभीरतापूर्वक मंथन किया जाएगा। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं और सहियाओं की बदहाल स्थिति पर भी विशेष चर्चा की जाएगी। इसके अलावा राजधानी में रांची में 1000 लोगों का सम्मेलन, तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग, कोल इंडस्ट्री के भावी प्रभावों पर परिचर्चा के आयोजन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

– राजीव रंजन सिंह, महामंत्री झारखंड प्रदेश 

झारखंड में कई उद्योग हैं, लेकिन यहां के मजदूरों को स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी रही है। उन्हें सुरक्षा संसाधनों और अन्य सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। भारतीय मजदूर संघ की मांग है कि सरकार न्यूनतम मजदूरी 18, 000 रुपये निर्धारित करें। झारखंड सरकार सरकार भी अंशदान कर स्थानीय मजदूरों का सहयोग करें। 

– धर्मदास शुक्ला, क्षेत्रीय संगठन मंत्री (झारखंड-बिहार)

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