रामगढ़: भुरकुंडा क्षेत्र कोयलांचल संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें समिति की ओर से कहा गया कि बीते 07 भी को आउटसोर्सिंग के माध्यम से संगम खुली खदान के निकट माइनिंग कार्य का उद्घाटन किया गया, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों से वार्ता तक नहीं की गई।

समिति की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया है कि माइनिंग के क्रम में यदि किसी स्थान विशेष के आवासों को हटाया जाना है तो उन सभी परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, खनन कार्य से सीधे तौर पर प्रभावित भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार रोजगार/नौकरी की व्यवस्था की जाए, खनन क्षेत्र के आसपास प्रदूषण से सीधे तौर पर प्रभावित होनेवाली कॉलोनियों में प्रदूषण से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और मुख्य मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, कुल उत्पादन के 50 प्रतिशत कोयले का खरीद बिक्री सेल के माध्यम से किया जाए, खनन क्षेत्र का दायरा/ मैप समिति को उपलब्ध कराया जाए।
समिति ने कहा है सभी बिंदुओं पर प्रमुखता से विचार किया जाए। साथ ही माइनिंग को लेकर जो भी नियुक्तियां हों वो बिना समिति की जानकारी नहीं हों यह भी सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।
वहीं भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी ने अपने कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल से औपचारिक बातचीत भी की। इस दौरान समिति ने सभी बिंदुओं पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया। जिसपर परियोजना पदाधिकारी ने उचित पहल करने का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक सह पूर्व जिप उपाध्यक्ष मनोज राम, चमन लाल, श्रीनाथ करमाली, एचएन यादव, जगतार सिंह, प्रेमनाथ विश्वकर्मा, अध्यक्ष सह भुरकुंडा मुखिया अजय पासवान, सचिव सह जवाहर नगर मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप मांझी, उपाध्यक्ष योगेश दांगी, आशीष गुप्ता, मुकेश पाण्डेय, इम्तियाज अहमद, पंकज कुमार, राहुल कुमार सहित अन्य शामिल थे।
