रामगढ़: राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ऋतुराज ने की। इस दौरान जिले के 38 इलाजरत टीबी मरीजों के बीच पोषण पोटली का वितरण किया गया। इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण देना और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दिलाना है।
इस अवसर पर मरीजों एवं उनके परिजनों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज बिना कोई खुराक छोड़े नियमित रूप से दवा का सेवन करें। उन्होंने कहा कि बीच में इलाज छोड़ने से बीमारी और गंभीर हो सकती है। इसलिए समय पर दवा लेना सबसे जरूरी है। साथ ही उन्होंने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को ढंकने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने और दवा के साथ संतुलित व पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी।
उपायुक्त ने जिले को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने आसपास के टीबी मरीजों को सामर्थ्य अनुसार गोद लें, ताकि निक्षय मित्र योजना के तहत उन्हें नियमित पोषण और नैतिक सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मरीजों को हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है।
मौके पर उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ स्वराज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
