निर्धारित समय में पूरा करें मंदिर परिसर के पुनर्विकास से संबंधित कार्य : ऋतुराज 

रामगढ़: जिला अंतर्गत राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास से संबंधित कार्यों को लेकर बुधवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय  द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन के आलोक में विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजरप्पा मंदिर परिसर के पुनर्विकास कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण करना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान भूमि उपलब्धता, अवसंरचना विकास, यातायात प्रबंधन, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने कहा कि राजरप्पा मंदिर न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, इसलिए इसके समग्र और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है।

इस दौरान उपायुक्त ने वन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को गति देने पर बल दिया। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर व्यवहारिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करें। वहीं उपायुक्त ने कहा कि पुनर्विकास योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं में व्यापक सुधार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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