रांची: पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मंगलवार को रातू में जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। नात-ए-पाक और धार्मिक नारों के बीच निकले जुलूस में लोगों ने पैगंबर साहब की तालीमात को याद करते हुए समाज में अमन, सद्भाव और भाईचारे का पैगाम दिया। जुलूस में विभिन्न मोहल्लों और इलाकों से लोग एकजुट होकर शामिल हुए।
आयोजकों ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का असल पैगाम इंसानियत, मुहब्बत, आपसी इज्जत और जरूरतमंदों की मदद है। इसी भावना को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जुलूस का आयोजन किया गया।
इस दौरान लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की गई। आयोजकों ने कहा कि मजहबी कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक पैगाम पहुंचाना होना चाहिए। नई पीढ़ी तक पैगंबर साहब के अमन और इंसानियत के पैगाम को पहुंचाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है।
जुलूस को कामयाब बनाने में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा। मौके पर कमरूल हक, अताउल्लाह अंसारी, अरशद अय्यूब, इमरान खान, मुख्तार अंसारी, अंजुम खान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन समाज और इलाके में अमन-ओ-अमान और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ।
