रिपोर्ट – एस. अंसारी 

रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को सदन में दो तस्वीरें एक साथ दिखीं। एक तरफ अध्यक्ष ने विधायकों की हाजिरी और समय की पाबंदी पर सख्ती बरती, तो दूसरी तरफ विपक्ष की अनुपस्थिति के बीच सरकार ने पशुपालन योजनाओं के विस्तार का रोडमैप सदन के सामने रखा। सुबह 11 बजकर 6 मिनट पर सदन की शुरुआत हुई तो भाजपा सहित विपक्षी बेंच पूरी तरह खाली रहीं। 

वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने सवाल पूछने वाले सदस्यों के समय पर मौजूद न रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “सवाल पूछना और उसके समय सदन से गायब रहना सदन की कार्यप्रणाली और गरिमा, दोनों के लिए उचित नहीं है।”

वहीं प्रदीप यादव और जयराम महतो अपने सवालों की बारी से पहले सदन नहीं पहुंच सके। दोनों ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उनके सवालों को लिया जाए, लेकिन अध्यक्ष ने साफ कहा गाड़ी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित क्रम में आगे बढ़ी कार्यवाही को पीछे लाकर सवालों को दोबारा शामिल नहीं किया जा सकता।

प्रश्नकाल में कोलेबिरा विधायक बिक्सल कोंगाड़ी के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के बजट में हर साल बढ़ोतरी की गई है और आगे योजनाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पशुपालकों को योजनाओं का सीधा लाभ मिले।

सरकार ने बताया कि इसी उद्देश्य से पहली बार पशुपालन योजना बोर्ड का गठन भी किया गया है। बजट वृद्धि और नए विस्तार के जरिए न सिर्फ पशुपालन क्षेत्र को मजबूत किया जाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने का भी प्रयास होगा।

 

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