रांची: आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूजा के दौरान शांति व्यवस्था, सुरक्षा व्श्रयवस्था और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को लेकर कुल 28 बिंदुओं पर गाइडलाइन जारी की गई है। प्रशासन ने समितियों से सभी निर्देशों के अनुपालन और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है 

जिला प्रशासन द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश

रांची जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि पंडाल का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफार्मर, विद्युत तार और हाईटेंशन लाइन से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल में ज्वलनशील और सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग न हो।

महिला-पुरुष के प्रवेश-निकास के लिए अलग-अलग और पर्याप्त चौड़े रास्ते हों, साथ ही आकस्मिक निकास की व्यवस्था भी रखी जाए। पंडाल की मजबूती का प्रमाण-पत्र भवन निर्माण विभाग से लेना अनिवार्य होगा।

विद्युत सुरक्षा को लेकर वायरिंग सुरक्षित तरीके से करने, अर्थिंग, जेनरेटर को पंडाल से दूर रखने और JBVNL से वैध कनेक्शन लेने का निर्देश दिया गया है। वायरिंग और अग्नि सुरक्षा का NOC संबंधित विभाग से लेना होगा। पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू से भरी बाल्टी रखनी होगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी।

पंडाल के अंदर-बाहर और आवागमन मार्ग पर पर्याप्त CCTV कैमरे और मॉनिटरिंग की व्यवस्था करनी होगी। पंडाल के बाहर पदाधिकारियों, प्रशासन और आपात सेवा के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

सभी समितियां अपने स्वयंसेवकों को परिचय पत्र देंगी और उनकी सूची संबंधित थाना प्रभारी को सौंपेंगी। फूड स्टॉल और मेला पंडाल से पर्याप्त दूरी पर ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से लगेगा।

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप पर किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट को अपलोड न करने और अफवाह न फैलाने की हिदायत दी गई है। विसर्जन पूर्व निर्धारित मार्ग, समय और चिन्हित घाट पर ही किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि शोभायात्रा के दौरान बसों और बड़ी गाड़ियों की छत पर कोई व्यक्ति न बैठे और गाड़ी की कुल ऊंचाई 13 फीट (4 मीटर) से अधिक न हो, ताकि विद्युत सुरक्षा बनी रहे।