रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में हलचल तेज हो गई है।  आयोग के तीन वरिष्ठ सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने रविवार को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। तीनों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है।

इन इस्तीफों को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID कर रही है। जांच के दौरान आयोग के सदस्यों की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई है।

CID के समन के बीच इस्तीफे से बढ़ी चर्चा

CID ने तीनों सदस्यों को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए समन जारी किया था। 10 अगस्त को डॉ. अजिता भट्टाचार्य से CID पूछताछ करने वाली है। इस बीच तीनों सदस्यों के इस्तीफे सामने आने से पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच एजेंसी 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और दूसरी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, OMR शीट से छेड़छाड़ और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने जैसे आरोपों की पड़ताल कर रही है।

जांच के बीच आयोग पर बढ़ा दबाव

JPSC की परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बाद आयोग की कार्यप्रणाली पहले से ही चर्चा में रही है। अब तीन सदस्यों के एक साथ पद छोड़ने और उसी दौरान CID की पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, तीनों सदस्यों ने अपने इस्तीफे के पीछे क्या कारण बताया है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस्तीफे और CID जांच के बीच किसी सीधे संबंध को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अब निगाहें CID की आगामी पूछताछ और जांच की दिशा पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट हो सकता है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की वास्तविक तस्वीर क्या रही और इसमें किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है।

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